Wednesday, February 15, 2006

सरस्वती वंदना


प्रथम भारती नाम तुम्हारा
स्वर की देवी विनय हमारा
ज्ञान प्रदायिनी, हे जगमाता
मंगल शुभ कर दे !
हे माता सरस्वती वर दे !!

तू ही शारदा हंस वाहिनी
जगतिख्याता वीणापाणिनी
हे वागीश्वरी कुमुद प्रोक्ता
निर्मल मन कर दे !
हे माता सरस्वती वर दे !!

ज्ञान नहीं पर अहम समाया
तिमिर-जाल में मन भरमाया
ब्रह्मचारिणी हे बुद्धमाता
ज्योतिर्मय कर दे !
हे माता सरस्वती वर दे !!

दीप जला कर तेरे द्वारे
माँ भुवनेश्वरी तुझको पुकारे
हे वरदायिनि चन्द्रकान्ता
जग मग जग कर दे !
हे माता सरस्वती वर दे !!

-यशपाल सिंह 'रवि`

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